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पानी बचाना हम सबकी नैतिक जिम्मेदारी है

झालावाड़ 10 जुलाई। हवा और पानी के बिना संसार में जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती है। पानी बचाना हम सब की नैतिक जिम्मेदारी है यह विचार जल शक्ति अभियान के सेन्ट्रल डिस्ट्रिक्ट नोडल ऑफिसर एवं उपभोक्ता मामलात विभाग के संयुक्त सचिव अमित मेहता ने भारत सरकार द्वारा संचालित जल शक्ति अभियान की तैयारियों के संबंध में बुधवार को मिनी सचिवालय के सभागार में आयोजित जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि व्यापारियों, उद्योगपतियों, स्कूल व कॉलेज के विद्यार्थियों, अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ-साथ आमजन के सहयोग से इस अभियान को सफल बनाया जाएगा।
बैठक में जिला कलक्टर सिद्धार्थ सिहाग ने बताया कि जल शक्ति अभियान का प्रथम चरण 1 जुलाई से 15 सितम्बर 2019 तक चलाया जाएगा। जिसकेे अन्तर्गत अति दोहित ब्लॉक्स के तहत झालावाड़ जिले के भी पांच ब्लॉक बकानी, झालरापाटन, खानपुर, मनोहरथाना एवं पिड़ावा शामिल किए गए हैं। जिला कलक्टर ने कहा कि सरकारी विद्यालयों में वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर का निर्माण पूर्व में किया गया है। उनके जीर्णोद्धार प्रस्ताव समसा के माध्यम से जिला परिषद् कार्यालय में भिजवाएं। उन्होंने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधीक्षण अभियंता को निर्देशित किया कि वे पांच ब्लॉकों में खराब हो चुके या वाटर रिचार्ज नहीं होने योग्य बोरवेल की मरम्मत एवं उनको वाटर रिर्चाज (पुर्नभरण) कराने के लिए प्रस्ताव बनाकर भेंजे।
उन्होंने कहा कि जल शक्ति अभियान की कार्य योजना तैयार करते समय स्थानीय जनप्रतिनिधि, स्वयं सेवी संगठन इत्यादि संबंधित विभागों के समन्वय से कार्यों का चिन्हीकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि अभियान के अन्तर्गत जिले के सभी सरकारी भवनों व जलाशयों की सूची तैयार कराई जाए। उन्होंने अभियान से संबंधित सभी विभागों के अधिकारियों को जल संचय व बेहतर कल को ध्यान में रखकर कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि अभियान के तहत जल संरक्षण, जल संग्रहण एवं परम्परागत जल स्रोतों का एप का माध्यम से चिन्हीकरण कर उनका विवरण कार्यशील अथवा अकार्यशील, जीर्णोद्धार योग्य व अयोग्य, जीर्णोद्धार की आवश्यक लागत तथा संबंधित योजना का नाम इत्यादि सूचनाएं एकत्रित की जाएगी। जिनके आधार पर जिला एवं ब्लॉक स्तरीय कार्य योजना तैयार की जाएगी।
इस दौरान जलग्रहण विभाग के अधीक्षण अभियंता जीतमल नागर ने अभियान के दौरान मुख्य रूप से सक्रिय एवं प्रभावी हस्तक्षेप के लिए जल संरक्षण एवं वर्षा जल का संचय, परम्परागत जलाशयों का जीर्णोद्धार, बोरवेल रिर्चाज, स्ट्रक्चर्स का रियूज, जलग्रहण क्षेत्र विकास एवं सघन पौधारोपण के अतिरिक्त ब्लॉक एवं जिला जल संरक्षण योजना का निर्माण, सिंचाई में निपुण जल का उपयोग एवं जल की उपलब्धता, कृषि और उद्यानिकी उद्देश्यों के लिए शहरी अपशिष्ठ जल का पुनः उपयोग संबंधी बिन्दुओं के बारे में पीपीटी के माध्यम से विस्तार से जानकारी दी।
केन्द्र सरकार का तीन सदस्यीय दल जिले में अभियान के लिए नियुक्त करने के पीेछे उद्देश्य है अभियान से संबंधित गतिविधियों का चिन्हीकरण कर उन्हें केन्द्र व राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं में शामिल करना तथा जनभागीदारी के माध्यम से इस अभियान को सरकार एवं निजी क्षेत्र में भी सम्पादित करवाना है तथा अभियान की मॉनिटरिंग एवं चिन्हित लक्ष्यों के अनुसार कार्य सम्पादित करवाना। केन्द्रीय स्तर से जिला नोडल अधिकारी एवं 3 से 5 ब्लॉक पर केन्द्रीय नोडल टीम जिसमें कम से कम एक तकनीकी अधिकारी नियुक्त किए गए हैं जिनको अभियान में तीन दिवस क्षेत्र में रहकर जिला अधिकारियों तथा संबंधित जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक एवं फील्ड में भ्रमण कर कार्यों को गुणवत्ता पूर्ण समय पर सम्पादित करने की जिम्मेदारी दी गई है।
बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर करतार सिंह पूनिया, जल आयोग के ब्लॉक नोडल ऑफिसर एवं किसान कल्याण मामलात के उप सचिव कैलाश चौधरी एवं केन्द्रीय जल आयोग के निदेशक शरद चन्द्र उपस्थित रहे।
रिपोर्ट – दीपेश जैन
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