युवा

आज का जनरेशन “हिंदी कविता”

हिंदी कविता

जो करते अपनी मनमानी,
हर बातों में आनाकानी,
जहाँ ना हो कोई भी टेंशन,
यही आज का है जनरेशन।

सदा मोबाइल में रहते बिजी,
बैलेंस खत्म हुआ तो ईजी,
वाई-फाई का लिया कनेक्शन,
यही आज का है जनरेशन।

जोश युवाओं में है भारी,
वाट्सअप पर है मारामारी,
टिक-टाॅक पर सकल अटेंशन,
यही आज का है जनरेशन।।

कवियत्री दुर्गा
सौर बाजार,सहरसा
    बिहार

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